बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना

 

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की जानकारी

“आइए कन्या के जन्म का उत्सव मनाएं। हमें अपनी बेटियों पर बेटों की तरह ही गर्व होना चाहिए। मैं आपसे अनुरोध करूंगा कि अपनी बेटी के जन्मोत्सव पर आप पांच पेड़ लगाएं।” – प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का शुभारम्भ केंद्र की वर्तमान सरकार द्वारा लिंग के अनुपात में समानता लाने की दिशा में उठाया गया एक सराहनीय कदम है। भारत में 2001 की जनगणना में 0-6 वर्ष के बच्चों का लिंग अनुपात का आंकड़ा 1000 लड़कों के अनुपात में लड़कियों की संख्या 927 थी। जो कि 2010 की जनगणना में घटकर 1000 लड़कों के अनुपात में 918 लड़कियां हो गई ।

लिंग अनुपात में असमानता मानव के अस्तित्व के समाप्ति का संकेत है । अत: इस गंभीर समस्या पर काबू पाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को हरियाणा के पानीपत जिले में लागू करने की घोषणा की । ज्ञात हो की देश के हरियाणा राज्य में लिंग अनुपात में असमानता का दर सबसे ज्यादा है।

प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार- हमारा मन्त्र होना चाहिए, “बेटा-बेटी एक समान”.

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को लागू करने का उद्देश्य

देश में लिंग अनुपात में समानता लाने के लिए तथा बेटियों कि सुरक्षा और कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के उद्देश्य से इस योजना को लागू किया गया है।

  1. पक्षपाती लिंग चुनाव की प्रक्रिया का उन्मूलन
  2. बालिकाओं का अस्तित्व और सुरक्षा सुनिश्चित करना
  3. बालिकाओं की शिक्षा सुनिश्चित करना

रणनीतियाँ

  1. बालिका और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक सामाजिक आंदोलन और समान मूल्य को बढ़ावा देने के लिए जागरुकता अभियान का कार्यान्वय करना ।
  2. इस मुद्दे को सार्वजनिक विमर्श का विषय बनाना और उसे संशोधित करने रहना सुशासन का पैमाना बनेगा।
  3. निम्न लिंगानुपात वाले जिलों की पहचान कर ध्यान देते हुए गहन और एकीकृत कार्रवाई करना।
  4. सामाजिक परिवर्तन लाने के लिए महत्वपूर्ण स्त्रोत के रुप में स्थानीय महिला संगठनों/युवाओं की सहभागिता लेते हुए पंचायती राज्य संस्थाओं स्थानीय निकायों और जमीनी स्तर पर जुड़े कार्यकर्ताओं को प्रेरित एवं प्रशिक्षित करते हुए सामाजिक परिवर्तन के प्रेरक की भूमिका में ढालना ।
  5. जिला/ ब्लॉक/जमीनी स्तर पर अंतर-क्षेत्रीय और अंतर-संस्थागत समायोजन को सक्षम करना ।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर जनसंचार अभियान

देशव्यापी अभियान ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ शुरु करने के साथ यह कार्यक्रम प्रारंभ होगा जिसमें बालिका के जन्म को जश्न के रुप में मनाने के साथ उसे शिक्षा ग्रहण करने में सक्षम बनाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य लड़कियों का जन्म,पोषण और शिक्षा बिना किसी भेदभाव के हो और समान अधिकारों के साथ वे देश की सशक्त नागरिक बनें।

 

सुकन्या समृद्धि योजना

बेटी बचाओ योजना के अंतर्गत सुकन्या समृद्धि योजना सबसे मुख्य घटक हे जिससे कन्या भ्रूण हत्या और बालिकाओं को फाइनेंसियल मदद मिलेगी !

इस योजना के लिए आवेदन करने की आयुसीमा

इस योजना के तहत 10 वर्ष तक के आयु की सभी भारतीय नागरिकता प्राप्त बालिकाएं देश के किसी भी बैंक अथवा पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवा कर योजना का लाभ उठा सकती हैं।

 

इस योजना के तहत सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाने के लिए आवश्यक दस्तावेज

  1. बच्ची के जन्म का प्रमाण पत्र ।
  2. माँ-बाप या बच्ची की पालन-पोषण करने वाले सदस्य का पहचान पत्र ।
  3. माँ-बाप के पते का प्रमाण पत्र ।

 

सुकन्या समृद्धि खाते से सम्बंधित प्रमुख जानकारी

यह khata 1000 रूपए से खुलेगा जो खाते में जमा हो जायेगा। इस खाते में प्रत्येक महीने 1000 रूपए जमा करना अनिवार्य है तथा प्रत्येक साल में 150000 रूपए से ज्यादा जमा नहीं किया जा सकता है। इस खाते से 50% धनराशि बालिका के 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर उसकी पढ़ाई के लिए निकली जा सकती है।

इस योजना से बेटियों को मिलने वाले लाभ

  • इस योजना के अंतर्गत खोले गए खाते में जमा की गयी राशि बालिका के 21 वर्ष पुरे होने पर निकाला जा सकता है। उससे पहले 18 वर्ष की आयु में उच्च शिक्षा के लिए हीं खाते से धन निकल सकते हैं।
  • इस योजना के तहत खोले गए खाते की धनराशि पर सरकार द्वारा किसी भी प्रकार का टैक्स नही काटा जायेगा।
  • इस योजना के तहत खोले गए बालिकाओं के खाते पर सरकार द्वारा सबसे अधिक ब्याज दिया जाता है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत खाता खुलवाने पर सरकार द्वारा दिए जाने वाले लाभ का मकसद भ्रूण हत्या करने वाले और लड़कियों को बोझ समझने वाले लोगों के बीच जागरूकता फ़ैलाना है कि बालिकाएं बोझ नहीं हैं, इस योजना का लाभ उठाकर वे अपनी बेटियों के पढाई और शादी में लगने वाले पैसे के बोझ से राहत पा सकते हैं।

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