एशिया से संबंधित भौगोलिक तथ्य

एशिया शब्द की उत्पति हिब्रू भाषा के आसु से हुई है, जिसका शाब्दिक अर्थ उदित सूर्य से है। यह विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप है (सम्पूर्ण विश्व का 30%) । यहाँ विश्व की 60% जनसंख्या निवास करती है। एशिया को 48 देशों में विभाजित किया गया है, उनमें से तीन (रूस, कजाकिस्तान और तुर्की) का भाग यूरोप में भी है !

1. यह मुख्य रूप से पूर्वी और उत्तरी गोलार्धों में स्थित है ।

2. भूमध्य रेखा, कर्क रेखा और उत्तरी ध्रुववृत्त इसके माध्यम से गुजरती है ।

3. यह पूर्व में प्रशांत महासागर, दक्षिण में हिन्द महासागर और उत्तर में आर्कटिक महासागर से घिरा है ।

4. इसे लाल सागर और स्वेज़ नहर अफ्रीका महाद्वीप से अलग करती है ।

5. इसे बर्लिंग जलसंधि उत्तर अमेरिका से अलग करती है ।

6. महत्वपूर्ण प्रायद्वीप – अरब प्रायद्वीप, भारत – चीनी प्रायद्वीप और दक्कन प्रायद्वीप

7. अरब प्रायद्वीप विश्व का सबसे बड़ा प्रायद्वीप है ।

8. महत्वपूर्ण द्वीप समूहों – अंडमान निकोबार, इंडोनेशिया, फिलीपींस और जापान ।

9. यहाँ फिलीपींस द्वीप समूह के पास विश्व का सबसे गहरा सागरीय गर्त प्रशांत महासागर में मेरियाना गर्त है ।

10. यहाँ विश्व का सबसे ऊँचा पठार है, जिसकी ऊँचाई 4,875 मीटर है। इसी कारण से पामीर को ‘विश्व की छत’ (Roof of the World) कहते हैं ।

11. विश्व का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर हिमालय पर्वतमाला श्रेणी का माउंट एवेरेस्ट (8850 मीटर) है, जो नेपाल में स्थित है, जहाँ इसे सागरमाला के नाम से जानते हैं ।

12. यह विश्व की सबसे पुरानी सभ्यताओं का जन्मस्थान है, अर्थात सिंधु घाटी सभ्यता, मेसोपोटामिया और चीनी सभ्यता ।

13. पर्वत श्रृंखलाएं – हिंदुकुश, ज़ग्रोस, हिमालय, काराकोरम, कुनलुन और टीएन शान

14. पठार – बागुआ पठार, बाशंग पठार, बोलवेन पठार, सेंट्रल साइबेरियन पठार, छोटा नागपुर पठार, दादू पठार, दक्कन पठार, पूर्वी पठार, गोलान हाइट्स, हेटो पठार, ईरानी प्लेटो, करबी-मेघालय पठार, खोरात पठार, लद्दाख पठार, लिंकौ पठार, लूस पठार, मालवा पठार, मंगोलियन पठार, मैसूर पठार, नाकाई पठार, गोंग पिंग पठार, फौएने पठार, शिलांग पठार, ताओयुआन पठार, तिब्बती पठार, ऊफ़ा पठार, उक्के पठार, उस्तिरट पठार, ज़ियांगखोआंग पठार और युन्नान-गुइज़्ह्हो पठार ।

15. विश्व का सर्वाधिक वर्षा वाला क्षेत्र मावसिनरम मेघालय, भारत में है। (इससे पहले चेरापूंजी सर्वाधिक वर्षा वाला क्षेत्र था।)

16. एशियाई नदियों को ‘सभ्यता का पालना’ कहा जाता है और ‘सभी धर्मो का जन्मस्थान’ कहा जाता है ।

17. नदियाँ – ओब नदी, इरतिश नदी, यनेसी नदी, अंगारा नदी, लेना नदी, यना नदी, इंडिगीका नदी, कोलीमा नदियों, अनादिर नदी, अमूर नदी, हुआंग ही (पीली नदी) नदी, यांग्त्ज़ी (चांग) नदी, शी नदी, लाल नदी , मेकांग नदी, चाओ फ्राया नदी, सैल्विन नदी, इर्राबडी नदी, ब्रह्मपुत्र नदी, गंगा नदी, गंगा नदी, कृष्णा नदी, सिंधु नदी, कुआ नदी, अरास नदी, अमु दरिया (प्राचीन ओक्सस नदी), सिर दरिया (प्राचीन जैक्सर्ट नदी), इली (यिलि), तारिम नदी, हेलमंड नदी, और हरिरुद नदी ।

18. खाद्य फसल – धान, गेहूं, मक्का, ज्वार-बाजरा और रागी

19. नकद फसल – चाय, गन्ना, जूट, कपास, रबर और तंबाकू

20. चीन में विश्व की सबसे ऊंची रेलवे लाइन का निर्माण किया गया है जिसकी ऊँचाई समुन्द्र तल से 4500 मीटर है। यह चीन के क़िंगहाई प्रांतों से तिब्बत के ल्हासा तक जायेगी ।

21. विश्व की सबसे लंबे रेलवे प्लेटफार्म एशिया में स्थित है – गोरखपुर रेलवे स्टेशन, उत्तर प्रदेश, भारत (1,366.33 मीटर)

22. विश्व की सबसे लंबी रेल मार्ग ट्रांस-साइबेरियन रेल है। यह लेनिनग्राड से ब्लाडीवोस्टक तक जाती है इसकी लम्बाई 9438 किलोमीटर है ।

23. भूमध्य सागरीय जलवायु के एशियाई देश- साईंप्रास, जॉर्डन, टर्की, इजराइल और लेबनान ।

24. जलसंधि – मलक्का जलसंधि, पाल्क जलसंधि, सुन्डा जलसंधि, बेरिंग जलसंधि, बोन-फ़ैसिओ जलसंधि, बोस्पोर जलसंधि, होर्मुज जलसंधि, मक्कासर जलसंधि, त्संगारू जलसंधि और फॉर्मोसा जलसंधि ।

25. समय क्षेत्र – एशिया में ग्यारह अलग-अलग समय क्षेत्र हैं जो यूटीसी (जीएमटी) +4 से यूटीसी (जीएमटी) +10 के आस-पास है ।

एशिया की अर्थव्यवस्था यूरोप के बाद विश्व की, क्रय शक्ति के आधार पर, दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। वर्तमान में एशिया विश्व का सबसे ते़ज़ी उन्नति करता हुआ क्षेत्र है और चीन इस समय एशिया की सबसे बड़ी और विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है जो कई पूर्वानुमानों के अनुसार अगले कुछ वर्षों में विश्व की भी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी !

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