पशुओं की प्रमुख नस्ल

बकरी की नस्ल

  1. जमनापुरी – सर्वाधिक दुध देने वाली बकरी
  2. लोही – सर्वाधिक मांस देने वाली बकरी
  3. जखराना – सर्वाधिक दुध व सांस देने वाली श्रेष्ठ नस्ल – अलवर
  4. बरबरी – सुन्दर बकरी – भरतपुर, सवाई माधोपुर
  5. अन्य बकरी की नस्ल – परबतसरी, सिरोही व मारवाड़ी।

गौवंश की नस्लें

  1. गिर गाय – उद्गम – गिर प्रदेश(गुजरात)। इसे रेडां/अजमेरा भी कहते हैं। अजमेर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा।
  2. राठी – लालसिंधी एवं साहिवाल की मिश्रण नस्ल। सर्वाधिक दुध देने वाली गाय की श्रेष्ठ नस्ल। गंगानगर, जैसलमेर, बीकानेर।
  3. थारपारकर – उद्गम – बाड़मेर का मालाणी प्रदेश। दुसरी सर्वाधिक दुध देने वाली गाय।  उत्तरी – पश्चिमी सीमावर्ती जिले।
  4. नागौरी – उद्गम – नागौरी का सुहालक प्रदेश। इसका बैल चुस्त व मजबुत कद काठी का होता है। नागौर, बीकानेर, जोधपुर।
  5. कांकरेज – उद्गम – कच्छ का रन। गाय की द्विप्रयोजनीय नस्ल। जालौर, पाली, सिरोही, बाड़मेर।
  6. सांचौरी – जालौर, पाली, उदयपुर।
  7. मेवाती – अलवर, भरतपुर,कोठी(धौलपुर)।
  8. मालवी – मध्यप्रदेश की सीमा वाले जिले।
  9. हरियाणवी – हरियाणा के सीमा वाले जिले।

भैंस की नस्ल

  1. मुर्रा(कुन्नी) – सर्वाधिक दुध देने वाली भैंस की नस्ल। जयपुर, अलवर।
  2. बदावरी – इसके दुध में सर्वाधिक वसा होती है। भरतपुर, सवाई माधोपुर, अलवर।
  3. जाफाराबादी – भैंस की श्रेष्ठ नस्ल। कोटा, बांरा, झालावाड़।
  4. अन्य नस्ल – नागपुरी, सुरती, मेहसाना।

भेड़ की नस्लें

  1. चोकला(शेखावटी) –इसका ऊन श्रेष्ठ किस्म का होता है इसे भारत की मेरिनों कहते है। चुरू, सीकर, झुन्झुनू।
  2. जैसलमेरी –सर्वाधिक ऊन देने वाली भेड़ की नस्ल। क्षेत्र – जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर।
  3. नाली – इसका ऊन लम्बे रेशे का होता है, जिसका उपयोग कालीन बनाने में किया जाता है।क्षेत्र – गंगानगर, बीकानेर, चुरू, झुन्झुनू।
  4. मगरा – सर्वाधिक मांस देने वाली नस्ल।क्षेत्र – जैसलमेर, बीकानेर, चुरू, नागौर।
  5. मारवाड़ी –इसमें सर्वाधिक रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है। क्षेत्र – जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर।
  6. सोनाड़ी/चनोथर – लम्बे कान वाली नस्ल। क्षेत्र – उदयपुर, डुंगरपुर, बांसवाड़ा।
  7. पूंगला – बीकानेर में।
  8. मालपुरी/अविका नगरी – टोंक, बुंदी, जयपुर।
  9. खेरी नस्ल – भेड़ के रेवड़ों में पाई जाती है।

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